सागर- पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए घाटों पर पहुंच रहे लोग, विधि-विधान से कर रहे तर्पण
इन दिनों पितृ पक्ष का महीना चल रहा है जिसका बेहद ही ख़ास महत्व माना जाता है क्योंकि सनातन धर्म और परम्परा में यह महीना विशेष स्थान रखता है। इन ही दिनों में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। इसी तरह सागर जिले के राहतगढ़ क्षेत्र में भी सुबह से घाटों पर भीड़ उमड़ती है। लोग अपने-अपने पूर्वजों, परिवार के सदस्यों और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण करने के लिए पहुंचते हैं। बीना नदी के बनेनी घाट पर लोग इकट्ठा होते हैं। अलसुबह से आने का जो सिलसिला शुरू होता है वह काफी देर तक जारी रहता है।
घाट पर पंडित रुप किशोर महाराज, पंडित सचिन पाराशर के द्वारा विधि विधान से तर्पण का कार्यक्रम करवाया जाता है लोग कुशा, जवा, काली तिली समेत अन्य चीजें अपने साथ में लेकर पहुंचते हैं। जहां विधि विधान से भगवान, ऋषि-मुनि, गुरु के साथ अपने परिवार के बुजुर्गों, परिजनों समेत भूले बिसरे लोगों और रिश्तेदारों को पानी देते हैं। साथ ही उनसे प्रार्थना करते हैं की जो भी उनसे या परिवार से अगर कोई गलती हुई हो तो क्षमा कर आशीर्वाद प्रदान करें।
गौरतलब है की सनातन धर्म में यह महीना विशेष महत्व रखता है इस महीने को पितृ पक्ष पखवाड़ा भी कहते हैं जो 15 दिनों तक चलता है इसमें लोग अपने परिवार में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं जिसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा।