दही-घी-मसालों के खाद्य सैंपल फेल, 25 कारोबारियों पर 9.65 लाख का जुर्माना
एमपी के ग्वालियर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य विभाग की जांच में अमानक और मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के मामले सामने आने के बाद 25 कारोबारियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की सुनवाई पूरी हुई। इसके बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 9 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। खाद्य विभाग की टीम शहर और जिले के अलग-अलग इलाकों में लगातार खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच कर रही है। जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
जांच के दौरान दही, पनीर, घी, मिल्क क्रीम, मावा, सरसों तेल, धनिया पाउडर, दूध, उड़द, लाल मिर्च पाउडर और काजू समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में बड़ी संख्या डेयरी, दूध और मिष्ठान कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की है। कार्रवाई की जद में साईं डेयरी एंड स्वीट्स, जय श्री राम दूध डेयरी, श्री गरगज डेयरी, शिवम डेयरी, श्री श्याम डेयरी, न्यू शीतला डेयरी, न्यू श्रीराम दुग्ध डेयरी, मनोहर डेयरी एंड स्वीट्स और जैन मावा एंड घी भंडार समेत अन्य कारोबारी शामिल हैं।
इसके अलावा तीन कारोबारियों के खिलाफ बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने के मामलों में भी जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब त्योहारी सीजन के चलते बाजारों में खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सैंपलिंग और जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। यानी ग्वालियर में अब खाद्य कारोबारियों पर विभाग की निगरानी और सख्त होती नजर आ रही है। अमानक खाद्य पदार्थ या बिना लाइसेंस कारोबार पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।