मृ त बच्चों के परिवारों से मिले राहुल गांधी,सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, बोले मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा
मध्यप्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला एक बार फिर सियासी चर्चा के केंद्र में है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की और बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से करीब एक घंटे तक बातचीत की।
राहुल गांधी ने परिवारों की समस्याएं सुनीं और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के दौरे के दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग भी जगला पहुंचे। इससे पहले उन्होंने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मुलाकात की और मिड-डे मील सहित स्कूल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में पिछले कुछ महीनों में कई बच्चों की मौत हुई है। प्रशासन से जुड़ी रिपोर्टों में 32 बीमारी-संबंधी मौतों का आंकड़ा सामने आया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इससे ज्यादा मौतों का दावा किया गया है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी जांचों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन और अन्य संक्रमण जैसे कई कारकों का उल्लेख हुआ है। किसी एक बीमारी को सभी मौतों का एकमात्र कारण नहीं बताया गया है।
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मृत बच्चों के परिवारों को पूरी मदद और मुआवजा मिलना चाहिए। राहुल ने यह मुद्दा संसद में उठाने की बात भी कही।
उन्होंने वन अधिकार कानून, मनरेगा और आदिवासी परिवारों को जमीन के पट्टे देने से जुड़े मुद्दे भी उठाए। साथ ही लाड़ली बहना योजना सहित सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी सवाल किए। राहुल गांधी के दौरे पर भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बताया है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं और स्वास्थ्य व्यवस्था के सवालों को सामने लाना जरूरी है।
इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भी राज्य सरकार से जवाब मांग चुका है। बालाघाट की घटना में अब मुख्य सवाल बच्चों की मौतों की अंतिम पुष्टि, प्रत्येक मामले में चिकित्सकीय कारण और प्रभावित परिवारों को मिली सरकारी सहायता से जुड़े हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी जांच भी जारी है।