कलेक्ट्रेट घेरा; बैरिकेड्स गिराए, चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका, SIR के विरोध में कांग्रेस का हंगामा
एमपी के उज्जैन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता तरण ताल से रैली निकालते हुए प्रशासनिक संकुल पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर पहले से तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की और कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स गिराकर आगे बढ़ने का प्रयास करते नजर आए। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका और उनके पोस्टर पर कालिख पोती। प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अगुवाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार, नेता प्रतिपक्ष रवि राय, सेवादल और युवा कांग्रेस के नेताओं ने की। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरज यादव ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि ये आरोप कांग्रेस नेताओं के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर स्थापित नहीं किया गया है।
वहीं युवा कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव ने SIR के जरिए आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मतदान कर रहे लोगों के नाम सूची में नहीं मिलने की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। इसमें मतदाता अपना नाम खोज सकते हैं, ड्राफ्ट मतदाता सूची डाउनलोड कर सकते हैं और संबंधित मामलों में अपील या दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी दी गई है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं और कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। फिलहाल उज्जैन में प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।