अमित भटनागर गिरफ्तार, 7 साथियों के साथ जेल भेजे गए; बोले- जेल में भी जारी रहेगा अनशन
एमपी के सागर संभाग के पन्ना में मझगांय बांध और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। पिछले 19 दिनों से जारी चिता आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपने साथियों के साथ गिरफ्तारी दी। पुलिस ने अमित भटनागर समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रभावित किसान और ग्रामीण मझगांय बांध, रुंझ बांध और केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े विस्थापन के मुद्दे पर उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र में चिता आंदोलन शुरू किया गया था। आंदोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर कर रहे थे।
बुधवार को अमित भटनागर अपने समर्थकों और अन्य आंदोलनकारियों के साथ हनुमतपुर चौकी पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करते हुए गिरफ्तारी दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनके साथ मौजूद सात अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले अमित भटनागर ने पुलिस वाहन में बैठते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन खत्म नहीं होगा। भटनागर ने यह भी कहा कि उनका अनशन जेल के भीतर भी जारी रहेगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ही मझगांय बांध आंदोलन से जुड़ी दो महिला नेताओं दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इससे पहले आंदोलन स्थल पर पुलिस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने आरोप लगाए थे, जबकि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ अलग आधार बताए हैं। पूरे मामले को लेकर पन्ना में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज है। फिलहाल अमित भटनागर और उनके साथियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दूसरी ओर, आंदोलनकारी मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर कायम हैं। अमित भटनागर का कहना है कि गिरफ्तारी के बावजूद उनका आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।