Sagar- भारी मात्रा में भेजे रहे भूसे पर रोक की मांग, दूध छोड़कर हर चीज के बढ़े दाम, 100 रूपये करने की बात
सागर जिले के खुरई से भारी मात्रा में भूसा बाहर भेजा जा रहा है जिससे स्थानीय पशु पालक खासे परेशान हैं। उन्होंने दूसरे इलाकों में भेजे जाने वाले भूसे पर रोक लगाए जाने की मांग की है। पशुपालकों का कहना है की भूसा महंगा होने से पशुओं को पालने की लागत बढ़ गयी है। जबकि दूध के दाम उस हिसाब से नहीं बढ़े हैं। इसी को लेकर पशुपालकों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार ऋतु राय को ज्ञापन सौंपकर भूसा बाहर भेजने पर रोक और दूध के दाम बढ़ाने की मांग की है।
बता दें की खुरई में बड़ी संख्या में पशुपालक तहसील कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर के नाम तहसीलदार ऋतु राय को ज्ञापन सौंपा। पशुपालकों ने क्षेत्र से भूसा बाहर भेजने पर रोक लगाने और भूसा की जिला बंदी करने की मांग की है। पशुपालकों के मुताबिक भूसा करीब एक हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। इसके साथ ही खली, चापर और दूसरे पशु आहार भी महंगे हो गए हैं। ऐसे में पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। पशुपालकों का आरोप है कि व्यापारी किसानों से भूसा खरीदकर दूसरे क्षेत्रों में ज्यादा कीमत पर भेज रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर भूसे की उपलब्धता कम हो रही है और पशुपालकों को महंगे दाम पर भूसा खरीदना पड़ रहा है।
पशुपालकों ने गाय के दूध का दाम 80 रुपए और भैंस के दूध का दाम 100 रुपए प्रति लीटर करने की मांग रखी है। वहीं दुग्ध संघ में फैट का दाम 12 रुपए प्रति फैट निर्धारित करने की मांग भी की गई है। पशुपालकों का कहना है कि अगर क्षेत्र का भूसा पहले स्थानीय पशुपालकों को उचित कीमत पर उपलब्ध कराया जाए और दूध के दाम लागत के अनुसार तय हों तो पशुपालन करने वाले परिवारों को राहत मिल सकती है।------