सागर- पूरी रात पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन, 287 मामलों में कार्रवाई; 268 वारंटी-आरोपी गिरफ्तार
सागर जिले में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन और नेतृत्व में 29 सितंबर की रात जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ सघन ‘कांबिंग गश्त’ अभियान चलाया गया। 600 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की टीमों ने पूरी रात अलग-अलग इलाकों में गश्त करते हुए वारंटियों, फरार आरोपियों, गुंडा-हिस्ट्रीशीटर और निगरानी अपराधियों की जांच की। अभियान के दौरान पुलिस ने 64 स्थाई वारंट तामील किए, जबकि 204 गिरफ्तारी वारंट में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इसके अलावा BNSS की धारा 170 के तहत 15 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। गंभीर मामलों में फरार चल रहे 4 आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस तरह वारंटियों और फरार आरोपियों के खिलाफ व्यापक वैधानिक कार्रवाई की गई।
कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस टीमों ने 328 गुंडा, हिस्ट्रीशीटर और निगरानी अपराधियों की भौतिक रूप से चेकिंग की। उनकी मौजूदा गतिविधियों, आवागमन और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। इसके साथ ही जिलेभर में 183 होटल, ढाबों और संदिग्ध स्थानों पर औचक दबिश देकर जांच की गई। पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अवैध शराब के मामले में 4 प्रकरण दर्ज कर शराब जब्त की गई। वहीं यातायात और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। खुरई थाना क्षेत्र में धारा 185 एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई समेत कांबिंग गश्त के दौरान कुल 287 मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई।
अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया खुद पूरी रात फील्ड में मौजूद रहे और अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करते रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी, नगर पुलिस अधीक्षक और सभी एसडीओपी भी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई की निगरानी करते रहे। पुलिस के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करना और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।