शराबबंदी के लिए महिलाओं का मोर्चा, कलेक्टर से लगाई कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार
एमपी के बालाघाट जिले के ग्राम खुरसोड़ी में शराबबंदी की मांग को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में कथित अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ महिलाएं पिछले करीब 12 से 15 दिनों से अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और शराब के कथित कारोबार पर कार्रवाई के साथ अपनी सुरक्षा की मांग की। महिलाओं का कहना है कि गांव में लंबे समय से शराब बनाए जाने और बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका दावा है कि शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों में विवाद और घरेलू परेशानियां बढ़ रही हैं। महिलाओं के मुताबिक मजदूर और किसान वर्ग के कई लोग शराब की लत की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं, उनका आरोप है कि कम उम्र के बच्चों में भी शराब की ओर आकर्षण बढ़ता दिखाई दे रहा है।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में शराब के निर्माण और बिक्री की जांच कराई जाए और यदि अवैध गतिविधियां सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, शराबबंदी अभियान से जुड़ी महिलाओं ने कुछ लोगों पर उन्हें धमकाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। महिलाओं के मुताबिक उन्हें अभियान बंद नहीं करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। महिलाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अभियान से जुड़ी महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत है।
हालांकि, महिलाओं द्वारा लगाए गए धमकी और अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। महिलाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि गांव को अवैध शराब और उससे पैदा होने वाली सामाजिक समस्याओं से मुक्त कराना है। अब देखना होगा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।