पुलिसिंग होगी हाईटेक, AI से लगेगी ड्यूटी और हाजिरी; पॉइंट सिस्टम से चुने जाएंगे बेस्ट पुलिसकर्मी
एमपी के गुना पुलिसिंग व्यवस्था अब हाईटेक होने जा रही है। जिला पुलिस ने ड्यूटी लगाने, हाजिरी दर्ज करने और पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए AI आधारित डिजिटल ऐप की शुरुआत की है। मंगलवार को ग्वालियर रेंज के डीआईजी डॉ. असित यादव ने इस ऐप का लोकार्पण किया। पुलिस विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से ड्यूटी प्रबंधन में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और पुलिस बल की तैनाती को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी का चार्ट एक दिन पहले ही मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कर्मचारियों को पहले से पता रहेगा कि उन्हें किस स्थान पर और किस जिम्मेदारी के लिए तैनात किया गया है। ड्यूटी स्थल पर पहुंचने और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया भी ऐप के माध्यम से की जा सकेगी।
पुलिस के अनुसार, ऐप में पहले से फील्ड प्रोग्रामिंग की गई है। इसके आधार पर AI किसी कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था या अन्य फील्ड ड्यूटी के लिए आवश्यक पुलिस बल का आकलन करने में मदद करेगा। साथ ही यह तय करने में भी सहायता मिलेगी कि किसी स्थान पर किस रैंक के कितने पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। ऐप के जरिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। अधिकारियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस कर्मचारी को कब और कहां ड्यूटी दी गई थी। ड्यूटी पूरी होने के बाद किए गए कार्य का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।
नई व्यवस्था में पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के लिए पॉइंट सिस्टम भी रखा गया है। फील्ड में किए गए कार्य और प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। महीने के अंत में इन्हीं डिजिटल रिकॉर्ड और पॉइंट्स के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। विभाग के अनुसार इसी प्रक्रिया के आधार पर जिले में ‘बेस्ट पुलिसकर्मी’ और ‘बेस्ट ऑफिसर’ का चयन किया जाएगा। ऐप के लोकार्पण कार्यक्रम में IIT छात्र निखिल ने अधिकारियों को सिस्टम का प्रेजेंटेशन दिया और इसकी कार्यप्रणाली समझाई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीआईजी डॉ. असित यादव ने गुना दौरे के दौरान कैंट थाने का औचक निरीक्षण भी किया। इसके बाद पुलिस परेड ग्राउंड, जिम और मेस की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ‘सैनिक दरबार’ में पुलिसकर्मियों की समस्याएं और सुझाव भी सुने। पुलिस विभाग को उम्मीद है कि AI आधारित यह डिजिटल व्यवस्था ड्यूटी प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग में मददगार साबित होगी।