पुलिस का साइबर ठगों पर बड़ा एक्शन, 11 करोड़ की ठगी के आरोपी 6 गिरफ्तार
एमपी के मंदसौर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने जयपुर और बिहार में दबिश देकर गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, यह गिरोह देशभर में 100 से ज्यादा वारदातों को अंजाम देकर 11 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस को इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। मामले का खुलासा मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने किया। पुलिस के मुताबिक, शामगढ़ क्षेत्र की एक महिला ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान ठगों ने खुद को NRI बताकर महिला से संपर्क किया। विश्वास जीतने के लिए नकली फोटो और कथित परिजनों के जरिए व्हाट्सऐप पर बातचीत कराई गई। इसके बाद शादी का झांसा देकर महिला को अपने जाल में फंसाया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने विदेश से महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। बाद में गिफ्ट कस्टम विभाग में पकड़े जाने और उसे छुड़ाने के लिए टैक्स व प्रोसेसिंग फीस की जरूरत बताई गई। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर कस्टम अधिकारी बनकर महिला को धमकाया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब 7 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। शिकायत मिलने के बाद शामगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया और विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने 150 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट और म्यूल मोबाइल सिम का विश्लेषण किया। इसके आधार पर जयपुर में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के कथित मुख्य सरगना को बिहार के अरवल जिले से पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला था। विदेश में बैठे कथित कॉलर मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लोगों को फंसाते थे। वहीं दूसरी टीमें आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, बिहार और भोपाल जैसे क्षेत्रों से म्यूल बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराती थीं। एक अन्य टीम ठगी की रकम निकालकर अलग-अलग खातों में जमा करती थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल, 30 म्यूल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। साथ ही अलग-अलग बैंक खातों में 8 लाख रुपए से अधिक की राशि फ्रीज कराई गई है। पुलिस के अनुसार, न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद यह रकम पीड़िता को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।