मंडी में सोयाबीन के नए सीजन की शुरुआत, नीलामी का समय बदला; किसानों के लिए बढ़ाई गई व्यवस्थाएं
मंडी में सोयाबीन की नई फसल के सीजन की शुरुआत हो गई है। मालवांचल में बोई गई सोयाबीन की अर्ली किस्म की कटाई शुरू होने के साथ ही किसान बड़ी मात्रा में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचने लगे हैं। बढ़ती आवक को देखते हुए मंडी प्रशासन ने नीलामी व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके।
पहले एमपी के उज्जैन मंडी में सोयाबीन की नीलामी सुबह 11 बजे से शुरू होती थी, लेकिन नए सीजन में इसे एक घंटे पहले यानी सुबह 10 बजे से शुरू किया गया है। मंडी प्रशासन के मुताबिक, जैसे-जैसे सोयाबीन की आवक बढ़ेगी, नीलामी का समय सुबह 9 बजे तक किया जा सकता है। इसका उद्देश्य मंडी में आने वाली बड़ी संख्या में ट्रालियों की नीलामी समय पर पूरी करना है।
सोयाबीन की बढ़ती आवक को लेकर मंडी परिसर में किसानों की सुविधा के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सोयाबीन से भरी ट्रालियों की नीलामी के लिए पर्याप्त शेड की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा नीलामी प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों की संख्या और व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी उपज की बिक्री के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े। मंडी प्रशासन ने किसानों के लिए पेयजल और भोजन की व्यवस्था पर भी विशेष फोकस किया है। इसके साथ ही उपज की सही तौल और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडी सचिव राजेश गोयल के अनुसार, वर्तमान में सोयाबीन का भाव करीब 5 हजार से 5 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। आने वाले दिनों में जब मंडी में सोयाबीन की आवक और बढ़ेगी, तब बाजार भाव में बदलाव देखने को मिल सकता है। मंडी प्रशासन का कहना है कि नए सीजन में व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिले और उन्हें तौल, नीलामी और भुगतान के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।