तेंदुआ तस्करी मामले में NGO के CEO से 11 घंटे पूछताछ, शिकारियों ने उगला था नाम,तभी से रडार पर !
बीते कुछ दिनों पहले तेंदुआ तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इसमें एक NGO के सीईओ का नाम भी सामने आया था। आरोप था की उनके इशारे पर शिकारी शिकार करते थे। जिन्हे नोटिस भेजकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। जिनसे वन विभाग की टीम ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की। मामला शिवपुरी जिले का है। जहां यूपी के आगरा की एसटीएफ पुलिस ने वन्य प्राणियों का शिकार कर उनकी खाल की तस्करी करने वाले शिकारियों का पर्दाफाश किया था। इसके तार शिवपुरी और श्योपुर से जुड़े थे। मामले में आरोपी भगवान सिंह उर्फ सलीम और वसीम से पूछताछ के बाद एनजीओ के सीईओ कार्तिक नारायण का नाम सामने आया था। जिस पर टीम ने उन्हें नोटिस भेज शिवपुरी में उपस्थित होने निर्देश दिए थे l आरोपियों का दावा है की कार्तिक नारायण के निर्देश पर वह वन्य प्राणियों का शिकार कर रहे थे। इसी को लेकर वह शिवपुरी पहुंचे थे। जिनसे 11 घंटे तक पूछताछ की गई l
बताया गया की कार्तिक नारायण के साथ उनके वकील भी पहुंचे थे। वन विभाग के कार्यालय में अधिकारियों की टीम ने सुबह 10 बजे से रात के 9 बजे तक करीब 11 घंटे तक कार्तिक नारायण से पूछताछ की l मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की वह वन्य जीवों का संरक्षण करते हैं। वन विभाग को सूचना का आदान-प्रदान भी करते हैं जिससे वन प्राणियों के शिकार पर अंकुश लग सके। बोले की उन्हें जब-जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा वह जरूर आएंगे। उन पर लगे आरोपों को निराधार बताया।
वहीं कार्तिक नारायण के वकील सौरभ भारद्वाज का कहना है की उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जिनके द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
बता दें की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स STSF और केंद्रीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया था। जहां तेंदुए की खालों और अवशेषों की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी भगवान सिंह उर्फ सलीम, निवासी बिजवासन (दक्षिण पश्चिम दिल्ली) दिल्ली पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी है। उसे 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के पास से विधिवत कार्रवाई करते हुए पकड़ा गया था l यूपी के आगरा में 10 नग तेंदुए की खालों के साथ तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा था। इसके तार एमपी से जुड़े होने पर STSF और स्थानीय वन विभाग की टीमों ने त्वरित जांच शुरू की थी। गिरोह से जुड़े 8 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। वहीं श्योपुर और मुरैना जिलों से तेंदुए के भारी मात्रा में अवशेष, कंकाल समेत अन्य सामग्री जब्त की गयी थी।-