बैंक खातों से लाखों रुपए निकालने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर-एसपी से की शिकायत
एमपी के मुरैना में बैंक खातों के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। उत्तमपुरा गोटे नगर बस्ती के 18 से ज्यादा ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टर और एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे और बैंक खातों से रकम निकाले जाने की शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी बस्ती में रहने वाले शेरू उर्फ मनोज पुत्र मुन्नालाल टैगोर ने सरपंच की ओर से खाते में तीन हजार रुपए आने का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाए और बाद में खातों में जमा रकम निकाल ली। उत्तमपुरा निवासी रेखा जाटव ने शिकायत में बताया कि शेरू टैगोर उनके घर आया था। उसने कहा था कि सरपंच की ओर से बैंक खाते में तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। रेखा के मुताबिक, खाता खुलवाने के बाद उन्हें न तो पासबुक दी गई और न ही एटीएम कार्ड। बाद में बैंक में खाता चेक कराने पर करीब 1 लाख 28 हजार रुपए निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
इसी तरह सरोज नाम की महिला ने शिकायत में बताया कि करीब एक साल पहले उसका बैंक खाता खुलवाया गया था। करीब एक महीने पहले उसे खाता बंद कराने की बात कही गई। सरोज के अनुसार उसके खाते में करीब 1 लाख 67 हजार रुपए आए थे, जिन्हें निकाल लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके बैंक दस्तावेज और एटीएम कार्ड भी शेरू और उसके साथियों ने अपने पास रखे थे। इसके बाद खातों में आने वाली रकम निकाल ली गई। मीरा चौरिया, रामखिलाड़ी, सरोज कुमारी, चंचल, नीकेश, सोनम, उर्मिला, रेखा, लता, हितेश रामपुरे और मनु समेत करीब 18 लोगों ने शिकायत की है।
ग्रामीणों ने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खाते खुलवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में एक वाट्सऐप ग्रुप के जरिए खातों से जुड़े लेनदेन की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं ने कुछ अन्य लोगों के भी इस प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित बैंक खातों में हुए पूरे लेनदेन की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि रकम कहां से आई और किसने निकाली। शिकायत के बाद अब प्रशासन और पुलिस की जांच में ही स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका है और ग्रामीणों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।