डंपर यूनियन का चक्काजाम, 2 घंटे थमा ट्रैफिक; 4 लाख के जुर्माने के विरोध में सड़क पर उतरे ट्रांसपोर्टर
एमपी के भोपाल में डंपर यूनियन का आंदोलन आठवें दिन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। खनिज परिवहन से जुड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने के विरोध में चूनाभट्टी चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे डंपर संचालकों ने चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और चौराहे के आसपास लंबा जाम लग गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के चक्काजाम के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत शुरू की। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने आंदोलनकारियों से चर्चा की। समझाइश और बातचीत के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।
डंपर संचालकों का यह आंदोलन लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले चल रहा है। संगठन का दावा है कि भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में करीब 2 हजार डंपरों का संचालन आंदोलन से प्रभावित है, जबकि करीब 700 डंपर संचालक आंदोलन के समर्थन में हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में लगाए जा रहे भारी जुर्माने को लेकर है। संगठन का दावा है कि कुछ मामलों में वाहनों पर करीब 4 लाख रुपए तक की शास्ति लगाई जा रही है। साथ ही 20 से 40 हजार रुपए तक की अतिरिक्त राशि वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन दावों पर संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में डंपरों को अलग-अलग स्थानों पर खड़ा किया गया है। संगठन के मुताबिक चूनाभट्टी से कोलार रोड स्थित सर्वधर्म ब्रिज तक सड़क किनारे वाहन खड़े हैं। इसके अलावा ईंटखेड़ी, रायसेन रोड और 11 मील क्षेत्र में भी डंपर खड़े होने की जानकारी सामने आई है। यूनियन के आशीष सिंह का कहना है कि डंपर संचालक खदान से माल लेकर वेंडर तक पहुंचाते हैं और रॉयल्टी देने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक कई बार खदान स्तर पर रॉयल्टी प्रक्रिया पूरी नहीं होने का असर वाहन संचालकों पर पड़ता है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और खनिज विभाग से खदानों और क्रेशरों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही रातीबड़ क्षेत्र में कथित अवैध खनन के मामलों की जांच की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल पुलिस की समझाइश के बाद चक्काजाम खत्म हो गया है, लेकिन डंपर यूनियन का आंदोलन जारी है। अब प्रशासन और खनिज विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।