फर्जी नारकोटिक्स अधिकारी बनकर 3.75 करोड़ की ठगी का आरोप, महिला गिरफ्तार
एमपी के रतलाम में खुद को नारकोटिक्स विभाग की अधिकारी बताकर करोड़ों रुपए की कथित ठगी करने का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर प्रॉपर्टी ब्रोकर को उसके ब्याज में डूबे रुपए वापस दिलाने का भरोसा देकर करीब 3 करोड़ 75 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है। शिकायत में नकदी के साथ प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला की पहचान सपना ठाकुर के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता रुपेश चरपोट का आरोप है कि महिला ने विजय लोढ़ा से जुड़े एक मामले में उसके रुपए वापस दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए कथित तौर पर विजय के मकान और फ्लैट की कुर्की समेत अन्य कानूनी कार्रवाई कराने की बात कही गई।
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान महिला ने खुद को नारकोटिक्स विभाग से जुड़ा अधिकारी बताया और रुपेश का विश्वास हासिल किया। आरोप है कि भरोसा कायम होने के बाद महिला ने अलग-अलग समय पर उससे रकम लेना शुरू किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि नकदी के अलावा उसके प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री भी महिला ने कथित तौर पर अपने नाम करा ली। उसके मुताबिक, नकदी और संपत्तियों को मिलाकर कथित ठगी की कुल रकम करीब 3 करोड़ 75 लाख रुपए है। मामला तब बिगड़ा, जब रुपेश ने आगे रकम देने से इनकार कर दिया और अपने नाम की संपत्तियों की रजिस्ट्री वापस कराने की मांग की। शिकायत में महिला पर धमकी देने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि महिला ने एनकाउंटर की धमकी देने के साथ NDPS के झूठे मामले में फंसाने और बेटी की सगाई तुड़वाने की धमकी दी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत मिलने के बाद माणक चौक पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और सपना ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस संपत्ति की रजिस्ट्रियों, पैसों के लेन-देन और आरोपी द्वारा खुद को नारकोटिक्स अधिकारी बताए जाने के दावे की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं और रकम या संपत्ति के लेन-देन का पूरा नेटवर्क क्या था। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।