पहाड़ों में चल रही थी अवैध गांजे की खेती, 3 करोड़ के 15 हजार से ज्यादा पौधे जब्त
पुलिस ने अवैध गांजे की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपए कीमत के गांजे के पौधे जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, चैनपुर थाना क्षेत्र के जामली और गुवाड़ा के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में वन भूमि के पट्टे वाली जमीन पर बड़े पैमाने पर गांजे की खेती की जा रही थी। कार्रवाई को पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत अंजाम दिया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी
कि एमपी के खरगोन जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में खेतों के बीच गांजे की फसल तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई। अभियान के लिए चार थानों के करीब 75 पुलिस अधिकारी और जवानों की टीम तैयार की गई। पुलिस टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहाड़ी और दुर्गम इलाके तक पहुंचना था। जवानों को खेतों तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों के साथ नदी भी पार करनी पड़ी। इलाके में सर्चिंग और खेतों की पहचान के लिए ड्रोन की भी मदद ली गई।
जब पुलिस टीम जामली और गुवाड़ा के पहाड़ी क्षेत्र में पहुंची तो वहां अलग-अलग खेतों में बड़ी संख्या में गांजे के हरे पौधे लगे मिले। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई शुरू की और एक-एक करके पौधों को उखाड़कर जब्त किया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में कुल 15 हजार 191 गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं। इनका कुल वजन करीब 60 क्विंटल बताया गया है, जबकि अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की फसल मिलने के बाद इलाके में अवैध खेती करने वालों में हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अवैध गांजे की खेती से जुड़े नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में अवैध नशे की खेती और कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पहाड़ों के बीच इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की फसल मिलने से पुलिस की कार्रवाई को जिले में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।