Sagar- उल्दन बांध में दो महीने से फंसे 7 बंदर, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन
सागर जिले के बंडा का उल्दन बांध इन दिनों लबालब भरा हुआ है। बांध में पानी का स्तर बढ़ने के बाद यहां का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बांध में अब नावों का संचालन भी शुरू हो गया है। इसी दौरान लोगों की नजर पेड़ों पर फंसे सात बंदरों पर पड़ी, जो करीब दो महीने से पेड़ों के बीच फंसे हुए बताए जा रहे थे। बंदरों के पेड़ों में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर वन मंडल के अधिकारियों ने बंदरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन में सफलता नहीं मिल सकी।
इसके बाद मामले की जानकारी दक्षिण वन मंडल अधिकारी वरुण यादव को दी गई। डीएफओ वरुण यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी किए रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा। रेंजर लखन ठाकुर के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने सोमवार सुबह करीब 10 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने बांध क्षेत्र में पेड़ों और आसपास के हिस्सों की जांच की और बेहद सावधानी से बंदरों को निकालने का प्रयास किया। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब नौ घंटे तक चला। टीम ने लगातार मेहनत करते हुए शाम करीब 7 बजे तक सभी सात बंदरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लंबे समय से पेड़ों में फंसे बंदरों को सुरक्षित निकालने के बाद वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के दौरान टीम ने इस बात का भी ध्यान रखा कि बंदरों को किसी तरह की चोट न पहुंचे। सफल ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने रेस्क्यू टीम के प्रयासों की सराहना की। डीएफओ वरुण यादव ने पूरी टीम को सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बधाई दी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग की तत्परता की सराहना की। उल्दन बांध में पानी बढ़ने के बाद जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ी है, वहीं वन विभाग की इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि जलभराव वाले इलाकों में फंसे वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग की टीम किस तरह सक्रियता से काम कर रही है। करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद सभी सात बंदरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।