MP में 16वें दिन भी चि ता आंदोलन, बारिश के बीच गहरे पानी में सत्याग्रह; मुआवजे और पुनर्वास की मांग
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मझगाय बांध से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। लगातार बारिश और जलभराव के बीच आंदोलनकारी पानी में उतरकर सत्याग्रह कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि बारिश के कारण आंदोलन स्थल की झोपड़ियां और अस्थायी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं, जबकि कई गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है।
जय किसान संगठन के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता अमित भटनागर कर रहे हैं। आंदोलनकारियों के मुताबिक, मड़लिया, टपरियां, कुंवरपुर, बहनरी, जुड़र, सर्रा और करिया खेत सहित प्रभावित इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
आंदोलनकारियों का दावा है कि कई परिवारों को अभी तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर पिछले दिनों चिता, जल, मिट्टी, फांसी, सूली और बेड़ी सत्याग्रह जैसे अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराया गया। मझगाय बांध और अन्य परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा सितंबर में लगातार सामने आया है।
अमित भटनागर का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कुछ पात्र परिवार अभी भी मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आंदोलनकारियों के अनुसार, घोषित पुनर्वास पैकेज 12.50 लाख रुपये का है और मकान, कुएं, पेड़ तथा अन्य परिसंपत्तियों के मुआवजे से जुड़े मामले भी लंबित हैं।
वहीं, प्रशासन की ओर से मुआवजा वितरण और नए सिरे से सर्वे की कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मध्यप्रदेश विधानसभा में दिसंबर 2024 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार, मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित भूमि और परिसंपत्तियों के मुआवजे की 91.17 प्रतिशत से अधिक राशि के भुगतान की जानकारी दी गई थी।
लगातार बारिश के बीच आंदोलनकारियों ने प्रभावित परिवारों के नुकसान का तत्काल आकलन करने, लंबित मुआवजा देने और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने की मांग दोहराई है।
अब आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच मुआवजे, पुनर्वास और जलभराव से प्रभावित परिवारों की स्थिति को लेकर आगे क्या समाधान निकलता है, इस पर सभी की नजर है।