शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर पुलिस परपथराव के बाद लाठीचार्ज-आंसू गैस; 10 पर FIR, 5 गिरफ्तार
एमपी के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हो गया। सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध बढ़ा और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित किया। घटना में एक महिला पुलिस अधिकारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इसी परियोजना की जद में आने वाली शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाया जाना है। रिपोर्टों के मुताबिक, मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा सड़क की निर्धारित सीमा में आ रहा है।
सोमवार को कार्रवाई के दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई। विरोध और नारेबाजी के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में दोबारा पथराव की स्थिति बनने पर लाठीचार्ज किया गया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बीच महिला थाना प्रभारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, नमाज के समय कार्रवाई रोक दी गई थी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। शहर काजी ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
विवाद के मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं, जिन पर माहौल बिगाड़ने के आरोप हैं। वहीं, बाहर से आए पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। इन आरोपों और गिरफ्तारियों पर आगे की पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। मस्जिद की पुरातनता को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में प्रशासनिक दस्तावेजों के आधार पर इसे 100 साल से अधिक पुराना बताया गया है, जबकि मस्जिद के इमाम की ओर से इसे करीब 600 साल पुराना होने का दावा किया गया है। मस्जिद पक्ष ने सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में इस मामले को लेकर सुनवाई भी हुई है। फिलहाल उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस-प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।