चार दिन से आसमान से आफत, केन-मिढासन समेत नदी-नाले उफान पर; फसलें बर्बाद, मुआवजे की मांग
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के चलते केन और मिढासन नदी समेत जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते पानी का नजारा देखने के लिए लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
पन्ना जिले की सामान्य औसत वर्षा 1176.4 मिलीमीटर बताई गई है। इस साल अब तक सामान्य औसत से अधिक बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की नजर नदी-नालों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर बनी हुई है।
वहीं बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि उड़द, मूंग और तिल की फसलें लगभग बर्बाद हो चुकी हैं, जबकि धान की खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
किसान कमलेश उमरे ने बताया कि तीन-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है और नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। किसान सीताराम ने फसल खराब होने की बात कहते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई।
वहीं किसान राजेंद्र सिंह के मुताबिक तिल, उड़द और धान की फसल खराब हो गई है और धान में इल्ली लगने से भी नुकसान हुआ है। महिला किसान सुमित्रा बाई ने कहा कि फसल खराब होने के बाद अब परिवार चलाने के लिए सरकारी मदद की उम्मीद है।
किसान राजकुमार बागरी ने भी फसल के नुकसान का जिक्र करते हुए सरकार से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अब किसानों की नजर प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले सर्वे और फसल नुकसान के आकलन पर है। किसानों की मांग है कि नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।