Sagar -बीना में मानवता की मिसाल, मजदूर के अंतिम संस्कार के लिए आगे आए गौ सेवा दल के युवा
कहते हैं इंसानियत किसी पहचान की मोहताज नहीं होती और जरूरत के वक्त जो साथ खड़ा हो जाए, वही सच्चा इंसान कहलाता है। सागर जिले के बीना में मानवता की ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले एक मजदूर के परिजन आर्थिक तंगी के चलते अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। ऐसे वक्त में गौ सेवा दल और स्वास्थ्य सेवा संगठन के युवाओं ने आगे बढ़कर परिवार की तरह उनका साथ दिया और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी निभाई।
दरअसल, आगासौद रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने से चित्रकूट के औधा निवासी मनोज वर्मा की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजन शव को घर ले जाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने में असमर्थ थे।
इसकी जानकारी जैसे ही गौ सेवा दल और स्वास्थ्य सेवा संगठन के सदस्यों को मिली, उन्होंने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। राजेंद्र यादव, सुमित यादव, रूपेश यादव और मोहित यादव के साथ स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई ने आगे आकर अर्थी को कंधा दिया।
इस सेवा कार्य में शव वाहन चालक वीरेंद्र तिवारी और नगर पालिका कर्मचारी अरुण वाल्मीकि ने भी सहयोग किया। सभी ने मिलकर इटावा मुक्तिधाम में विधि-विधान के साथ मनोज वर्मा का अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौजूद रहे।
जिस वक्त परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था, उस वक्त इन युवाओं ने बिना किसी स्वार्थ के आगे आकर न सिर्फ अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि दुख की घड़ी में परिजनों का सहारा भी बने।
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों की आंखों में आंसू थे। उन्होंने मदद के लिए आगे आए युवाओं का भावुक होकर आभार जताया।
बीना में सामने आई यह घटना बताती है कि मुश्किल वक्त में किसी जरूरतमंद का साथ देना ही सबसे बड़ी सेवा है। गौ सेवा दल और स्वास्थ्य सेवा संगठन के सदस्यों के इस प्रयास की शहर में सराहना हो रही है।