सागर- देवरी में निर्धारित समय से पहले स्टॉल बंद होने के आरोप, व्यवस्थाओं पर सवाल
आमजन की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के उद्देश्य से एमपी के सागर जिले के देवरी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के खंड स्तरीय शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी से लेकर निर्धारित समय तक गतिविधियां संचालित होने को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं। बताया गया कि शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था। शिविर में आने वाले लोगों की शिकायतें सुनने और संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, सागर कलेक्टर और एसपी के कार्यक्रम स्थल से रवाना होने के बाद दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच कुछ विभागों की गतिविधियां समाप्त होने लगीं। कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम स्थल से चले गए, ऐसा दावा स्थानीय लोगों की ओर से किया गया है। कुछ उपस्थित लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्धारित समय से पहले कुछ विभागीय स्टॉल बंद कर दिए गए थे। इसके चलते शिविर में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
वहीं शिविर के प्रचार-प्रसार को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा रही। कुछ लोगों का कहना है कि यदि अभियान का पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाता, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और आमजन अपनी समस्याएं लेकर शिविर तक पहुंच सकते थे। इसके अलावा कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर व्यस्त रहने और आपस में चर्चा करने की बात भी कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
अब मुख्य सवाल यही है कि जब शिविर का निर्धारित समय शाम 5 बजे तक था, तो क्या सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उस समय तक मौजूद रहे? यदि कुछ गतिविधियां पहले समाप्त हुईं, तो इसके पीछे क्या कारण था? फिलहाल मामले में प्रशासन की समीक्षा और संबंधित अधिकारियों के जवाब का इंतजार है। अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।