Sagar- गणपति बाप्पा को विदाई देते वक़्त नम हुई आंखें, नाचते-गाते उत्साह के साथ हुआ विसर्जन
जब गणपति बाप्पा को विदाई दी गयी तो भक्तों की आंखें भर आई। लेकिन ये वो विदाई थी जो अगले बरस जल्दी आने का वादा थी। सागर के रहली क्षेत्र में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ गणपति विसर्जन किया। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए। घाटों पर जहां विसर्जन हो रहा था वहां भी जमकर जयकारे गूंजे। प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्थाएं की गयी थी। घाटों पर भी टीमें तैनात की गयी थी। बड़ी प्रतिमाओं के लिए भी इंतजाम किये गए थे।
नगर की सुख-समृद्धि की कामना के साथ पूजे गए रहली के राजा महागणपति को अनंत चतुर्दशी के मौके पर भावभीनी विदाई दी गई। विसर्जन यात्रा के दौरान नदी घाट तक तो श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते चले। लेकिन विसर्जन के अंतिम क्षणों में बप्पा को विदा करते हुए सभी भक्तों की आंखें नम हो गईं। अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों और बेहद श्रद्धाभाव के साथ भगवान श्री गणेश का विसर्जन किया गया। वहीं इससे पहले अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर महागणपति का विशेष पूजन, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
सुनार नदी के अटल सेतु स्थित विसर्जन स्थल पर विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। एसडीएम कुलदीप पाराशर, तहसीलदार और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही प्रशासनिक निगरानी बनाए रखी। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।