Sagar- बारिश में गौरझामर में निकली 5 किमी लंबी श्रीजी की भव्य विमान यात्रा
पर्यूषण पर्व के समापन और अंतिम ब्रह्मचर्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सागर जिले के गौरझामर में श्रीजी की भव्य विमान यात्रा निकाली गई। करीब 5 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। खास बात यह रही कि यात्रा के दौरान मौसम भी श्रद्धालुओं के अनुकूल रहा और अंतिम चरण में बारिश के बीच भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही श्रीजी की विमान यात्रा शुरू हुई, आसमान में बादल छा गए। विमान में विराजमान श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को बड़ा जैन मंदिर से नगर भ्रमण कराया गया। यात्रा के दौरान भगवान की प्रतिमा को गौरझामर के सात जिन मंदिरों की वंदना कराई गई।
विभिन्न मार्गों से होती हुई यात्रा आगे बढ़ी और नगर में धार्मिक माहौल बन गया। श्रद्धालु धार्मिक भजनों और जयकारों के साथ विमान के साथ चलते रहे। आचार्य श्री विद्यासागर जी और आचार्य श्री समयसागर जी के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय नजर आया। यात्रा में पूजा के पारंपरिक वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
यात्रा के अंतिम चरण में बजरिया स्थित प्राचीन मंदिर के पास अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश की बूंदों के बीच भी श्रद्धालु यात्रा में डटे रहे। कई श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। बारिश ने यात्रा की रफ्तार जरूर प्रभावित की, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। यात्रा वापस विद्या निलय परिसर स्थित बड़े जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। समापन अवसर पर पूज्य आर्यिका माता वैराग्यमति, प्रशममति, सहजमति और धवलमति जी ने पर्यूषण पर्व की सफल आराधना के लिए श्रावक-श्राविकाओं की अनुमोदना की और धर्म प्रभावना का संदेश दिया।
आयोजन में श्री विद्यासागर सेवादल, बालिका मंडल, महिला मंडल, दयोदय गौशाला समिति, पाठशाला परिवार, जैन पंचायत समिति सहित विभिन्न मंदिर समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता और बारिश के बीच भी कायम भक्ति के उत्साह के साथ गौरझामर में पर्यूषण पर्व का समापन धार्मिक उल्लास के साथ हुआ।