Sagar- अंतिम संस्कार के लिए 5 घंटे इंतजार, श्मशान में शेड नहीं तो ग्रामीणों ने खुद संभाली व्यवस्था
सागर जिले में ग्रामीण विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बीच सागर जिले के बंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। ग्राम पंचायत सेसई साजी के ग्राम रमपुरा और ग्राम कुल्ल में बारिश के दौरान ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्मशान घाट पर बारिश से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि दोनों गांवों के अलग-अलग श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए परिजन और ग्रामीण पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर न तो पर्याप्त टीन शेड था और न ही बारिश से बचाव की कोई दूसरी व्यवस्था। ऐसे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोकनी पड़ी और परिजन बारिश थमने का इंतजार करते रहे।
बारिश लगातार जारी रहने के कारण करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जब बारिश रुकने के कोई आसार नजर नहीं आए तो ग्रामीणों ने खुद ही व्यवस्था संभाली। परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर टीन शेड लगाकर बारिश से बचाव का इंतजाम किया। इसके बाद किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी बेहद जरूरी और मूलभूत आवश्यकता के लिए भी उन्हें अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही है। उनका सवाल है कि जब गांवों में विकास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, तो श्मशान घाट जैसी जरूरी जगह पर अब तक पक्का शेड और बारिश से बचाव के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के मौसम में यह समस्या हर बार सामने आती है। खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करना न केवल मुश्किल होता है, बल्कि परिजनों के लिए बेहद पीड़ादायक स्थिति भी बन जाती है। ऐसे में श्मशान घाट पर स्थायी टीन शेड, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। रमपुरा और कुल्ल की सामने आई तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेंगे और श्मशान घाटों पर स्थायी इंतजाम कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए बारिश रुकने का घंटों इंतजार न करना पड़े।