मरीजों की जा न से खिलवाड़ BAMS डॉ. चढ़ा रहे बॉटल, खुद कैमरे पर बोले क्लीनिक का पंजीयन नहीं !
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। निजी क्लीनिक का संचालन करने वाले डॉक्टर पर आरोप है की उनके पास पंजीयन और वैध लायसेंस नहीं है बावजूद इसके वह क्लीनिक संचालित कर रहे हैं यहां आने वाले बच्चों से लेकर अन्य मरीजों को बॉटल चढ़ाकर इलाज किया जा रहा है। जबकि उनके पास बीएमएस की डिग्री है। तस्वीरें छतरपुर जिले के बक्सवाहा की हैं।
आरोप है की बकस्वाहा के स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में डॉ. सौरभ पाल के नाम से कोई भी क्लीनिक या डिग्री सामुदायिक अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। फिर भी उनके द्वारा मरीजों को भर्ती और इलाज करने के आरोप हैं। सवाल ये है की अगर अस्पताल का पंजीयन नहीं है तो फिर लंबे समय से इसका संचालन किसकी अनुमति और संरक्षण से हो रहा है जो जांच का विषय है। जब मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गो का इलाज किए जाने और बाटल चढ़ाए जाने की बात सामने आई। डॉक्टर सौरभ पाल से अस्पताल के पंजीयन, इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए। कैमरे पर उन्होंने कहा की उनके पास क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं है। साथ ही कहा की उनके पास बीएएमएस की डिग्री है।
सवाल ये उठ रहा है की जब बीएमएस डॉक्टर खुद खा रहे हैं की उनके पास पंजीयन नहीं है तो फिर क्लीनिक संचालित कैसे हो रही है। ये ममला स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अगर इलाज में लापरवाही बरती जाती है या किसी मरीज के साथ अनहोनी होती है तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।
मामले में बकस्वाहा के बीएमओ डॉ. सत्यम असाटी से जानकारी ली गई। तो उन्होंने बताया की अस्पताल के रिकॉर्ड में सम्बंधित का ऐसा कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। टीम भेजकर जांच कराई जायेगी। जिसके बाद आगे की कार्यवाई की जायेगी।
------बक्सवाहा से विनोद बिल्थरे सागर टीवी न्यूज़।------