बारिश का रौद्र रूप! नदी-नाले उफान पर, उमरी गांव बना टापू; SDERF टीम रवाना
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे से शनिवार सुबह तक हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। बृजपुर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई गांवों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
सबसे गंभीर तस्वीर एमपी के पन्ना जिले के पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र के उमरी गांव से सामने आई है। भारी बारिश के बाद गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि उमरी गांव का बाहरी इलाकों से संपर्क लगभग टूट गया और पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया। गांव में कई लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव की कार्रवाई तेज कर दी है।
ग्रामीणों की मदद के लिए पन्ना जिला मुख्यालय से SDERF और राहत-बचाव दल को तत्काल रवाना किया गया है। प्रशासन की टीमें मौके की स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इधर, लगातार बारिश के बाद धरमपुर नाला भी रौद्र रूप में आ गया। नाले का पानी पुल से करीब दो फीट ऊपर बहने लगा। इसके चलते पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मुख्य मार्ग पर कई घंटों तक यातायात ठप रहा। खतरे को देखते हुए बृजपुर पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
बारिश का असर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड पर भी पड़ा है। कुंड तक जाने वाला संपर्क मार्ग दोनों ओर से कट गया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में कई घरों में पानी घुसने की भी जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव के कारण घरों में रखा राशन और जरूरी सामान भी बह गया। अचानक आई इस आपदा ने कई परिवारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील मार्गों पर आवाजाही रोकी जा रही है और लोगों से नदी-नालों तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती उमरी गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित ग्रामीणों तक राहत पहुंचाना है।