पति की प्रेमिका ने रची पत्नी के कत्ल की साजिश ! पुराने प्रेमी संग मिलकर की हत्या, 24 घंटे में खुलासा
मध्यप्रदेश के भोपाल में एक महिला की हत्या के मामले ने रिश्तों और प्रेम के बीच छिपी साजिश का सनसनीखेज खुलासा किया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी महज 24 घंटे में सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका की हत्या उसके पति की प्रेमिका ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर कथित तौर पर साजिश रचकर की थी। वारदात के बाद शव को पास के एक खंडहरनुमा मकान में छिपा दिया गया था। मामले की शुरुआत 24 अगस्त को हुई, जब गोरा गांव निवासी मोनू रैकवार ने रातीबड़ थाने में अपनी पत्नी राखी रैकवार के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। मोनू ने आशंका जताई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी पत्नी को जबरन अपने साथ ले गया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को मोनू के घर के पास एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया और बाद में उसकी पहचान राखी रैकवार के रूप में हुई। पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में हत्या के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। जांच में प्रेम प्रसंग का एंगल सामने आया। पुलिस के मुताबिक, राखी के पति मोनू की कथित प्रेमिका शशि रैकवार उसी गांव में रहती थी। आरोप है कि शशि राखी को अपने रास्ते की बाधा मानती थी। इसी वजह से उसने अपने पुराने परिचित नरेंद्र रैकवार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार 23 अगस्त को मोनू के काम पर जाने के बाद शशि ने नरेंद्र को अपने घर बुलाया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर राखी की हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि शशि ने राखी का मुंह दबाया, जबकि नरेंद्र ने उसका गला दबाकर और दुपट्टे से कसाव कर उसकी जान ले ली। इसके बाद शव को चादर से ढककर पास के खंडहरनुमा मकान में छिपा दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई शशि की ओर गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी नरेंद्र रैकवार को इटारसी से पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या की साजिश, वारदात में इस्तेमाल सामान और अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV की मदद से 24 घंटे में हुए इस खुलासे ने पूरे मामले को बेहद चौंकाने वाला बना दिया है।