एक तरफ बारिश की बूंदें दूसरी तरफ आंखों से छलकते आंसू, जेल में बहनों का रक्षाबंधन, भावुक मंज़र
एक तरफ बारिश की बूंदें गिर रही थी दूसरी तरफ बहनों की आँखों से आंसू छलक रहे थे। ये मंज़र हर किसी को भावुक कर गया। नज़ारा था जेल के अंदर का जहां बहनें अपनी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची थी। सैंकड़ों की संख्या में बहने राखी बांधने पहुंची थी। भले ही बारिश हो रही थी लेकिन आंखों में इन्तजार भी था। तस्वीरें एमपी के रीवा केंद्रीय जेल की हैं। जहां प्रबंधन द्वारा पुख्ता इंतजाम किये गए थे।
दूर-दराज से बारिश में भीगते हुए जेल पहुंची बहनों के हाथों में राखी और चेहरे पर अपने भाई से मिलने की बेताबी थी। जेल की सलाखों के पीछे मौजूद भाइयों की कलाई पर जब बहनों ने राखी बांधी तो माहौल भावुक हो उठा। कहीं भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए बहन के चेहरे पर मुस्कान थी। तो कहीं आंखों से छलकते आंसू भी थे। कुछ बहनें अपने भाइयों के जल्द घर लौटने की दुआ करती नजर आईं। तो कुछ ने उनकी जिंदगी में सुख और खुशहाली की कामना की। लगातार होने वाली बारिश भी बहनों को भाइयों से मिलने से नहीं रोक पाई।
दरअसल रक्षाबंधन के मौके पर जेल प्रशासन ने सुरक्षा के साथ बहनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थी। बड़ी संख्या में पहुंचने वाली बहनों को देखते हुए जेल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने इंतजाम किए गए थे। सुबह से शुरू हुआ बहनों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। हज़ारों की संख्या में पहुंची बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उनके जल्द घर लौटने की प्रार्थनाएं की।