सागर- जेल की सलाखों के बीच राखी का भावुक पर्व, 174 बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार
रक्षाबंधन... भाई-बहन के प्यार, विश्वास और वादे का त्योहार। लेकिन सागर जिले के खुरई उपजेल में इस बार राखी का पर्व कई परिवारों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें उपजेल पहुंचीं। जैसे ही बहनों का सामना अपने भाइयों से हुआ, आंखें नम हो गईं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, तो किसी ने मिठाई खिलाकर बेहतर जिंदगी का वादा लिया। वहीं कुछ बहनों ने भाइयों से कहा कि अब ऐसा कोई कदम मत उठाना, जिसकी वजह से अगली राखी पर भी बहन को जेल की चौखट तक आना पड़े।
खुरई उपजेल में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। जेल में बंद 191 कैदियों में से 174 कैदियों की बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए उपजेल पहुंचीं। जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करते हुए खुली मुलाकात के माध्यम से बहनों को भाइयों से मिलने और राखी बांधने का मौका दिया। बहनें जैसे ही भाइयों के सामने पहुंचीं, कुछ पलों के लिए जेल की सलाखें और अपराध की कहानी पीछे छूट गई। सामने था तो सिर्फ भाई-बहन का रिश्ता। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनके अच्छे भविष्य की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
किसी बहन ने भाई को राखी बांधते हुए जिंदगी में दोबारा गलती न करने की सीख दी, तो किसी ने उससे वादा लिया कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेगा, जिसकी वजह से परिवार को फिर इस तरह की पीड़ा से गुजरना पड़े। इस भावुक मुलाकात में कैदियों के बच्चे भी अपने पिता को देखकर भावुक हो गए। पिता से मिलने की खुशी और उनसे दूर रहने का दर्द बच्चों की आंखों में साफ नजर आया। कई बच्चे अपने आंसू नहीं रोक सके। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ बहनें अपने भाइयों से मिलने उपजेल नहीं पहुंच सकीं। इसके बावजूद अधिकांश बंदियों की बहनों ने जेल पहुंचकर रक्षाबंधन मनाया।
सहायक जेल अधीक्षक बृजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर बंदियों की बहनों के लिए विशेष रूप से खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई थी, ताकि वे अपने भाइयों को राखी बांध सकें और त्योहार मना सकें। राखी के धागे ने एक बार फिर याद दिलाया कि रिश्तों की डोर कितनी भी मुश्किल परिस्थितियों में हो, भावनाएं उसे हमेशा मजबूत बनाए रखती हैं।