सलाखों के पीछे रहने वाले भाइयों का बहनों से अद्भुत और भावुक मिलन, छलक पड़ी भाई-बहनों की आंखें
सलाखों के पीछे रहने वाले कैदी भाइयों से जब उनकी बहनें मिलने पहुंची और कलाई पर रक्षा का सूत्र बांधा तो आंखें छलक उठी। बहनें और भाई रो पड़े। माहौल काफी भावुक कर देने वाला था। भाई और बहनों का जो मिलन हुआ वह मार्मिक पहलु बन गया। जेल प्रशासन की एक संवेदनशील पहल की वजह से सलाखों के पीछे बंद कैदियों और उनकी बहनों का भावुक मिलन हुआ। तस्वीरें एमपी के उमरिया जिला जेल से सामने आई हैं।
दरअसल रक्षाबंधन के मौके पर सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार पर बहनों की भारी भीड़ जमा थी। हाथों में रंग-बिरंगी राखियां, रोली-चंदन और मिठाइयों की थाल सजाए बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने बेताबी के साथ खड़ी थीं। जेल प्रशासन ने त्योहार की महत्ता को देखते हुए जब बंदियों और उनकी बहनों के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की, तो जेल परिसर का नजारा पूरी तरह से बदल गया। जैसे ही बहनों ने अपने भाइयों को देखा, उनके सब्र का बांध टूट गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और जैसे ही मुंह मीठा कराया तो दोनों ही अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। लंबे समय बाद हुए इस मिलन में भाई और बहन दोनों की ही आंखें छलक पड़ीं।
कड़े सुरक्षा घेरे के बीच हुई इस मुलाकात ने बहनों के चेहरे पर एक बड़ा सुकून ला दिया। जिसके लिए उन्होंने जेल प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया।
इसको लेकर जेल प्रबंधन का कहना था की त्योहारों पर इस तरह की पारिवारिक मुलाकातें कैदियों की मानसिकता में सकारात्मक सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में बेहद मददगार साबित होती हैं।