मंदिर में बुजुर्ग,मरीज और दिव्यांग भीड़ में खा रहे धक्के, रसूखदार उड़ा रहे मौज, फिर सांसद ने लगाई फटकार !
मंदिर परिसर में जिन लोगों को ई-कार्ट वाहन की सुविधा मिलनी चाहिए थी वह धक्के खा रहे हैं पैदल जाने को मजबूर हैं। और जो हस्ट-पुस्ट और तंदरुस्त हैं वह मौज उड़ा रहे हैं। सांसद की फटकार के बाद अब नियमों को बदला गया है। ये नज़ारा उज्जैन का है। जहां बाबा महाकाल मंदिर में आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगों को सहूलियत देने के लिए ई-कार्ट सेवा शुरू की गयी थी। उन्हें तो ज्यादा लाभ नहीं मिल रहा, लेकिन रसूखदार इसका दुरूपयोग कर रहे हैं। मतलब जिन लोगों को बाकई इस वाहन की ज़रूरत है वह भीड़भाड़ में परेशान होते हैं। पैदल चलते हैं दूसरी तरफ स्वस्थ लोग सैर-सपाटा कर रहे हैं।
मामले में तब हड़कंप मच गया जब सांसद अनिल फिरोजिया महाकाल मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। बुजुर्गों और बीमारों को परेशान देख पारा हाई हो गया और मौके पर ही अधिकारियों को खरी-खोटी सुना दी। साथ ही कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा की जिस वाहन को सिर्फ वृद्धों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए चलाया गया था। उसका अनुचित इस्तेमाल कैसे हो रहा है। उन्होंने तुरंत कलेक्टर और मंदिर प्रशासक को तलब कर व्यवस्थाओं को कड़ाई से सुधारने के कड़े फरमान जारी कर दिए।
सांसद की दो टूक चेतावनी के बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया और नियमों में बड़े बदलाव कर दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किये की अब महाकाल परिसर में दौड़ने वाली इन ई-कार्ट गाड़ियों का लाभ केवल और केवल दिव्यांगों, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और अधिकृत श्रेणी के लोगों को ही मिल सकेगा। इसके बाद भी कोई अन्य व्यक्ति इस सेवा का दुरुपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब लोगों द्वारा उम्मीद जताई जा रही है की अब जरूरतमंदों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया की नियमों का सख्ती से पालन कराने मंदिर समिति और प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी रखेगा।