मुआवजे के लिए सड़क पर उतरे नौरादेही के विस्थापित, 3 घंटे तक चक्काजाम
नौरादेही अभयारण्य से विस्थापित किए गए ग्रामीणों का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण बम्होरी में सड़क पर उतर आए और करीब तीन घंटे तक चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्थापन के बाद सर्वे के अनुसार उन्हें अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है।
लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी जब समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर अपनी आवाज बुलंद की। चक्काजाम के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि विस्थापन के बाद सरकार सर्वे के आधार पर उचित मुआवजा देगी, लेकिन कई परिवार आज भी अपने हक की राशि के लिए भटक रहे हैं।
मामले में एमपी के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा तहसीलदार विवेक व्यास ने बताया कि मुआवजे से संबंधित सर्वे सूची प्रशासन की ओर से तीन बार भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद ग्रामीणों की शिकायत को देखते हुए मामले की दोबारा जांच कराने का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनका पुराना इलाका जंगल के बीच होने के कारण वहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता था। सरकार ने जब उन्हें अभयारण्य क्षेत्र से विस्थापित किया है तो उन्हें सर्वे के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर अपना नया जीवन शुरू कर सकें।
ग्रामीणों के मुताबिक, मुआवजे को लेकर वे कलेक्टर, एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं। हर बार कार्रवाई का भरोसा मिला, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने मंगलवार को बम्होरी में चक्काजाम कर दिया।
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने दोबारा जांच कराने और पात्र हितग्राहियों की समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर है। उनका कहना है कि आश्वासन नहीं, उन्हें अपने हक का मुआवजा चाहिए।