महंगे शौक रखने वाली फर्जी आईएएस, नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, भाई समेत गिरफ्तार
भाई के साथ मिलकर एक बहन ने तीन लोगों को लाखों रूपये की चपत लगा दी। खुद को आईएएस बताकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करीब दस लाख रूपये ठग लिए। धोखाधड़ी करने वाली भाई-बहन की ये जोड़ी अब पुलिस के हत्थे चढ़ गयी है। अशोकनगर जिले के चंदेरी थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। तृप्ति सिंह शातिर ठग ही नहीं बल्कि लग्जरी लाइफ भी जीती है उसने शातिराना तरीके से बिजनैसमेन के बेटे से शादी भी की थी। हालांकि भंडाफोड़ होने पर दोनों अलग हुए।
जानकारी के मुताबिक आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत और उसका भाई सुधांशु राजपूत 7 अप्रेल 2025 को अपने अन्य साथी तनुज बैश्य और अंजली सिंह के साथ चंदेरी भ्रमण करने आए थे जो किला कोठी में ठहरे थे। तृप्ति सिंह ने खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए फरियादियों को प्रभावित किया। उनकी सरकारी नौकरी लगवाने और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा दिया गया। नौकरी मानव संसाधन विकास मंत्रालय में लग्न बताया। जहां तृप्ति सिंह ने खुद को उसका हेड बताया। नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये प्रति व्यक्ति की मांग की गई। फरियादियों ने कुल 9 लाख 80 हजार रुपये समेत जरूरी दस्तावेज भी किला कोठी में दिए। बाकि 2 लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई।
पीड़ित करीब तीन महीने पहले एसपी राजीव मिश्रा के पास पहुंचे। लेकिन किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नही था। जिसके बाद एसपी ने सभी पीड़ितों को दिशा निर्देश दिए कि किस तरह इनको बातों में फंसाना है और नए लोगों को नॉकरी लगवाने का लालच फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह को दिया। जब वह अपने भाई के साथ चंदेरी पहुंची तो किला कोठी में पहले से मौजूद पुलिस ने फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह और उसके भाई आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया।
ठग तृप्ति सिंह का कारनामा यही नहीं बल्कि उसने फर्जी आईएएस बनकर भोपाल के ही एक बिजनेसमैन के बेटे से शादी तक कर ली थी। राज खुलने पर दोनों अलग हुए। खुद को आईएएस बताने वाली तृप्ति सिंह लग्जरी लाइफ जीती है महंगे-महंगे शौक करती है पुलिस ने इसके पास से महंगे मोबाईल महंगी गाड़ी बरामद की है। चंदेरी पुलिस उसे भोपाल स्थित ठिकाने पर लेकर पहुंची। आगे की कार्यवाई जारी है। आने वाले दिनों में अन्य खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।