रक्षाबंधन से पहले मिठाई की बड़ी खेप पकड़ी गई, 4526 किलो मिल्क केक-बर्फी जब्त, अब लैब रिपोर्ट खोलेगी राज
रक्षाबंधन से पहले मिठाई की बढ़ती मांग के बीच एमपी के ग्वालियर में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार को एक लोडिंग वाहन से 4526 किलो मिल्क केक और बर्फी की बड़ी खेप जब्त की गई। मिठाई राजस्थान और मुरैना से ग्वालियर लाई गई थी और यहां से दूसरे जिलों में सप्लाई किए जाने की तैयारी थी। खास बात यह है कि इतनी बड़ी खेप की जानकारी खाद्य विभाग को किसी नियमित जांच के दौरान नहीं, बल्कि जनसुनवाई में आई एक अज्ञात महिला की शिकायत से मिली। शिकायत मिलते ही खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचकर संदिग्ध लोडिंग वाहन को रोककर उसकी जांच की।
तलाशी के दौरान वाहन के अंदर बड़ी मात्रा में मिल्क केक और बर्फी भरी मिली। पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि मिठाई राजस्थान के मनियां और मुरैना से लोड होकर ग्वालियर पहुंची थी। यहां से इसे दूसरे जिलों में भेजा जाना था। खाद्य विभाग ने मिठाई के मालिक बताए गए मुरैना निवासी सुरेश चंद्र गुप्ता की मौजूदगी में राधिका और देवकी ब्रांड के मिल्क केक के सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। वहीं, पूरी खेप को फिलहाल जब्त कर लिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लाई गई मिठाई गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतरती है या नहीं? इसका जवाब लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं यह सवाल भी खड़ा किया है कि राजस्थान से चलकर हजारों किलो मिठाई ग्वालियर पहुंच गई, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी शिकायत के बाद ही क्यों मिली? फिलहाल खाद्य विभाग की नजर लैब रिपोर्ट पर है। यदि सैंपल मानकों पर फेल होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन से पहले हुई इस कार्रवाई ने मिठाई कारोबारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी सतर्क कर दिया है।