एक हफ्ते से जलभराव से घिरे लोग, ट्यूब बना सहारा, कोई नहीं सुन रहा फ़रियाद, बुरी तरह प्रभावित हुए लोग
एक इलाका ऐसा है जहां के लोग तकरीबन एक हफ्ते से जलभराव से घिरे हुए हैं चारों तरफ पानी ही पानी है। करीब तीन से चार फ़ीट पानी भरा होने से लोग घरों में कैद हैं जिससे उनका जीना मुहाल हो गया है। आलम ये है की कई घरों में पानी घुस चुका है बच्चों का स्कूल जाना बंद है जरूरी सामान लेने ट्यूब का सहारना लेना पड़ रहा है तस्वीरें रीवा जिले के वार्ड क्रमांक 10 स्थित गायत्री नगर की हैं। जहां लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। समस्याओं को लेकर कई लोग किसी तरह उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के पास राजनिवास पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। साथ ही आरोप लगाया की प्रशासन और नगर निगम द्वारा जल निकासी के कोई इंतजाम नहीं किये गए हैं।
लोगों की माने तो 19 अगस्त से गायत्री नगर में पानी भरा हुआ है। कई घरों में पानी घुस चुका है जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। जरूरी सामान, दूध और दवाइयां लाने लोग ट्यूब का सहारा लेकर किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। हालात ज्यादा बिगड़ने पर गायत्री नगर के महिला पुरुष राजनिवास पहुंचे। उस समय उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर अधिकारीयों के साथ समीक्षा कर रहे थे।
रहवासियों ने उन्हें हालातों से अवगत कराया और समाधान की मांग की। लोगों का आरोप है की हफ्ते भर हो चुका है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे न स्थिति को देखा। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा की पानी न निकाले जाने पर सड़क पर टैंट लगाकर रहने मजबूर होंगे।
स्थानीय ज्योति सिंह ने निगम कमर्चारियों पर आरोप लगाया की जलभराव की समस्या से जब उन्हें अवगत कराया तो कहा गया की कॉलोनी खदान की जमीन पर बनी है। उन्होंने कहा अगर कॉलोनी अवैध है परमिशन किसने दी और सभी से टैक्स क्यों वसूला जा रहा है। इसके अलावा शैलेंद्र द्विवेदी ने कहा की हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है। आरोप है की समस्या बताने पर नक्शा और रजिस्ट्री निरस्त करने की धमकियां दी जाती हैं।
वहीं शिकायतें सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को समस्या के तत्काल समाधान के निर्देश दिए हैं।