वक्फ बोर्ड ने बांटी फलाहारी खिचड़ी, महाकाल की आखिरी सवारी में भाईचारे की मिसाल | SAGAR TV NEWS |
महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन की आखिरी शाही सवारी के दौरान आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव की भी बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। बाबा महाकाल की सवारी में जहां पूरा शहर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा था, वहीं मुस्लिम समाज ने श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी खिचड़ी का वितरण कर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया। तोपखाना चौराहे पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अधिकारियों और मुस्लिम समाज के लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए करीब ढाई क्विंटल फलाहारी खिचड़ी तैयार करवाई। सवारी मार्ग से गुजर रहे भक्तों को पूरे उत्साह के साथ प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और इस पहल की सराहना की।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के डायरेक्टर फैजान खान ने बताया कि सावन की आखिरी सवारी के अवसर पर डॉ. सनवर पटेल की टीम के सहयोग से यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ प्रसाद वितरण नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना है। इस सेवा कार्य में सीरत कमेटी के अध्यक्ष गब्बू बाबा, बय्यु भाई मुजावर, जाकिर भाई सहित मुस्लिम समाज के कई लोगों ने सहभागिता की। दरगाह और मदरसे के मुतवल्ली तथा वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों ने भी आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
महाकाल की शाही सवारी के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मुस्लिम समाज की ओर से की गई यह सेवा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। आयोजकों का कहना है कि उज्जैन की पहचान केवल धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब से भी है। सावन के आखिरी सोमवार पर सामने आई यह तस्वीर संदेश दे रही है कि आस्था के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत और भाईचारे की मंजिल एक ही है। महाकाल की नगरी से निकला यह सद्भाव का संदेश लोगों के बीच चर्चा और सराहना का विषय बना हुआ है।