सागर- कोल्ड्रिफ सिरप मामले में 10 महीने से जेल में बंद डॉक्टर, PM-CM से हस्तक्षेप की मांग
कोल्ड्रिफ सिरप मामले में दस महीने पहले तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी की गयी थी। इतने समय बीतने के बाद अभी भी तीनों डॉक्टर जेल में बंद हैं। जिसको लेकर डॉक्टरों में नाराज़गी है। सागर में आईएमए के प्रतिनिधि मंडल ने संभागीय कमिश्नर से मुलाक़ात करते हुए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक बात पहुंचाने की मांग की। जजिससे डॉक्टरों को न्याय मिल सके। बताया गया की मेडिकल बोर्ड बनने के बाद ही डॉक्टर की गिरफ्तार की जाना चाहिए। जबकि इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
दरअसल आईएमए के अध्यक्ष समेत सदस्यों ने कमिश्नर अनिल सुचारी से मुलाकात करते हुए छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ कफ सिरप प्रकरण में गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों के संबंध में ज्ञापन सौंपा है। साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के नाम के ज्ञापन सौंपे गए हैं जिन्हे संभागायुक्त के माध्यम से भेजने का अनुरोध किया गया। साथ ही जल्द और न्यायोचित हस्तक्षेप किये जाने की बात कही। इस दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने संभागायुक्त को अवगत कराया की इस दुखद घटना में जिन निर्दोष लोगों की जान गई है।
उनके लिए निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जरूरी है। साथ ही केवल अपने चिकित्सकीय दायित्व का निर्वहन करते हुए विधिवत निर्मित, लाइसेंस प्राप्त और नियामक संस्थाओं द्वारा अनुमोदित दवा का पर्चा लिखने वाले डॉक्टरों को बिना पर्याप्त विधिक और चिकित्सकीय आधार के आपराधिक अभियोजन का सामना न करना पड़े। यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
बताया गया की इस मामले में डॉ. प्रवीण सोनी, डॉ. एस. एस. ठाकुर और डॉ. अमन सिद्दीकी अभी भी जेल में हैं जो न्याय का इन्तजार कर रहे हैं। आईएमए ने मांग की है की निष्पक्ष जांच की जाना बेहद ज़रूरी है जिससे निर्दोष डॉक्टरों को राहत मिल सके।
आईएमए डॉ. तल्हा साद ने Jacob Mathew केस का हवाला देते हुए कहा की मेडिकल बोर्ड बनने के बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी की जा चाहिए। जबकि इसमें ऐसा नहीं हुआ। इसलिए इस मामले में संज्ञान लेकर डॉक्टरों को न्याय दिलाये जाने की बात कही।