सागर- देवरी में स्कूल भवन के लिए छात्रों का चक्काजाम, 2 घंटे बाद चला प्रशासन का जेसीबी एक्शन
सागर जिले के देवरी विकासखंड के रसेना में शासकीय हाई स्कूल भवन निर्माण और स्कूल परिसर के आसपास किए गए कथित अतिक्रमण को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। स्कूल भवन की मांग और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। सड़क पर छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान में शासकीय हाई स्कूल का संचालन खाद्य विभाग के गोदाम में किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल परिसर के आसपास और शासकीय नल के पास अतिक्रमण होने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की मांग थी कि स्कूल के लिए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद और झड़प की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती बरती और विरोध कर रहीं कुछ महिलाओं को हिरासत में लिया। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। करीब दो घंटे चले घटनाक्रम के बाद सड़क पर लगा जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य कराया गया।
कार्रवाई के दौरान रोशनी बैरागी ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य प्रभात लोधी पर 20 हजार रुपये लेकर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया। हालांकि प्रभारी प्राचार्य ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है और उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। नायब तहसीलदार रामराज चौधरी ने बताया कि धर्मावती बैरागी द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मौके पर SDM और थाना प्रभारी अजय प्रताप भदौरिया सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। अब छात्रों की मांग है कि अतिक्रमण हटने के साथ स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्थायी और बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिल सके।