Sagar - वृंदावन मंदिर में झूला महोत्सव की धूम, दर्शन के लिए पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु
सागर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक वृंदावन बाग मंदिर में करीब 150 साल पुरानी झूला महोत्सव की परंपरा आज भी पूरे उत्साह और आस्था के साथ जारी है। 11 दिवसीय इस महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। खास बात यह है कि इन दिनों भगवान गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को नजदीक से दर्शन देते हैं और श्रद्धालुओं को उन्हें झूला झुलाने का सौभाग्य भी मिलता है। यही वजह है कि इस आयोजन को आनंद उत्सव भी कहा जाता है।
सावन के अंतिम दिनों में मंदिर परिसर मर राजा राम दरबार के अलावा जगन्नाथ स्वामी और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों और आकर्षक झूलों से सज जाता है। फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के बीच भगवान को झूले पर विराजमान किया जाता है। दर्शन के साथ झूला झुलाने का अवसर पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आते हैं।
मठ के महंत नरहरिदास महाराज के अनुसार, वृंदावन धाम से आए महाराज वृंदावन दास जी ने मंदिर की स्थापना के साथ इस अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी। तब से देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होने पहुंचते हैं। मध्यभारत के इस अनोखे मठ में इस बार महोत्सव का विस्तार भी किया गया है, जिससे भक्तों को पहले से अधिक भव्य आयोजन देखने को मिल रहा है।