सागर में बाप-बेटे की मौत, मां-बेटी पहुँची अस्पताल,बकरियां चराने का विवाद बनी बड़ी कहासुनी
सागर जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र में बकरियां चराने को लेकर हुआ विवाद इतना खूनी हो गया कि देखते ही देखते लाठी और कुल्हाड़ी चल गई। काठौंदा गांव में दो पक्षों के बीच हुए इस संघर्ष में एक पक्ष के पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष की मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम काठौंदा गांव में खेत में बकरियां चराने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी विवाद चला आ रहा था। सोमवार को बकरियां चराने की बात ने पुराने विवाद को फिर हवा दे दी और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से लाठी तथा कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के पूरन आदिवासी और बाबू आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष की सीमा अहिरवार और पूजा अहिरवार भी गंभीर रूप से घायल हुईं।
घटना के बाद पहले एक पक्ष थाने पहुंचा और पिता-पुत्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के बाद संबंधित लोग सागर रेफर हो गए। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पूरन और बाबू गांव के पास खेत में गंभीर हालत में पड़े हैं।
सूचना मिलते ही एसडीओपी योगेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया और थाना प्रभारी मुकेश सिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ देर शाम मौके पर पहुंचे। अंधेरा होने के बावजूद पुलिस टीम गांव पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल राहतगढ़ सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रात हो जाने के कारण दोनों शवों को अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया। मंगलवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। वहीं पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।