सावन के आखिरी सोमवार महाकाल दरबार में आस्था का सैलाब, फूलों की सजावट ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
सावन के आखिरी सोमवार पर उज्जैन के बाबा महाकाल के दरबार में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से ही देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और खुद को धन्य महसूस किया। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर महाकाल मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से बेहद आकर्षक तरीके से सजाया गया। फूलों से सजी दीवारें, प्रवेश द्वार और परिसर का नजारा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहा।
बाबा महाकाल के दर्शन के बाद बाहर निकल रहे श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और उत्साह साफ नजर आया। भक्त लगातार बाबा महाकाल के जयकारे लगाते हुए दिखाई दिए। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु फूलों की सजावट के साथ फोटो और सेल्फी लेते नजर आए। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं और विशेष सजावट की जमकर सराहना की। भक्तों का कहना था कि मंदिर परिसर में फूलों से की गई ऐसी मनमोहक सजावट ने दर्शन के अनुभव को और खास बना दिया है। कई श्रद्धालु इस सुंदर नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
महाकाल मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन सिद्धिविनायक गणेश मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद भक्त परंपरा के अनुसार भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। सावन के अंतिम सोमवार पर महाकाल की नगरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए बाबा महाकाल के दर्शन के साथ फूलों से सजा मंदिर परिसर यादगार अनुभव बन गया।
कुल मिलाकर सावन के आखिरी सोमवार पर महाकाल दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और फूलों से सजे मंदिर की मनमोहक छटा ने उज्जैन की धार्मिक आभा को और भव्य बना दिया। चारों ओर गूंजते “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच भक्तों ने बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।