Sagar- पता ही नहीं चला कांवड़ियों ने कब नाप दिया 140 किमी, 80 गांव वालों ने निकाली कांवड़ यात्रा |
सावन जैसा पावन महीना चल रहा है जो भगवान भोलेनाथ का काफी प्रिय माना जाता है इन दिनों में भक्ति देखने ही लायक होती है। इसी तरह जब सागर जिले के राहतगढ़ में विशाल कांवड़ यात्रा निकली गयी तो अद्भुत नज़ारा दिखाई दिया। दिलचस्प बात ये रही की इसमें 80 गांवों से कांवड़िये शामिल हुए। वहीं जगह-जगह पर यात्रा का स्वागत भी किया गया।
दरअसल राहतगढ़ के मीरखेड़ी में स्थित मढखेड़ा धाम से विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया था। जो 19 तारीख को रायसेन जिले के सिलवानी के पास भोरास घाट नर्मदा जल लेने पहुंचे। वहां सभी शिव भक्तों ने स्नान कर मां नर्मदा का पूजन अर्चन किया। साथ ही वहां से बम भोले जय भोले के जय घोष करते पैदल यात्रा शुरू की। जो 5 वे दिन मढ़खेड़ा धाम पहुंची। दरबार के प्रमुख पंडित पवन पाराशर के मुताबिक ये पहला साल था।
जिसमें लगभग 80 ग्राम वासी कांवड़िया शामिल रहे। जगह-जगह कांवड़ यात्रा का भव्य स्वागत हुआ। राहतगढ़ पहुंचने ही कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गई। इसके अलावा कुछ जगहों पर शिव भक्तों ने कावड़ियों को फलाहार की व्यवस्था भी की थी। बताया गया की कांवड़ यात्रा का आयोजन अब हर साल निरंतर किया जाएगा।
इसमें शामिल होने वाले ऋषभ ओसवाल का कहना है की करीब 140 किलोमीटर यह दूरी सभी भक्तों ने नंगे पांव पूरी की। इस दौरान किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी या समस्या नहीं आई। भोलेनाथ का नाम लेकर डीजे पर बजते धार्मिक गानों पर सभी आगे बढ़ते गए और सिद्ध धाम मढ़खेड़ा पहुंचे। जहां विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवान को जल चढ़ाया गया
------ धर्मेंद्र सिंह राजपूत सागर टीवी न्यूज़।------