चलती ट्रेन में महंगे मोबाइल छीनकर कूद जाते थे शातिर चोर, तीन चोरों से लाखों के मोबाइल बरामद
चलती ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल फोन पर हाथ साफ़ किया जाता। वारदात को उस समय अंजाम दिया जाता था जब ट्रेन स्टेशन से चलती और आउटर पर धीमी होती थी। तब शातिर चोर महंगे मोबाइलों को टारगेट कर उन्हें लेकर कूद जाते थे। चोरी के माल को दिल्ली में खपाया जाता था। कार्यवाई ग्वालियर जिले में जीआरपी थाना पुलिस ने की है। पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है जिसमें एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही लाखों कीमत के मोबाइल फोन बरामद किये गए हैं। जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह ने मामले का खुलासा किया। पुलिस ने चोरों के पास से 27 स्मार्टफोन और एक अपाचे बाइक बरामद की है।
जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह ने से मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरोह स्टेशन से ट्रेन में चढ़ते और ग्वालियर से निकलते ही ये यात्रियों के महंगे मोबाइल को टारगेट करते। जैसे ही ट्रेन बिरलानगर या एजी पुल के पास आउटर पर धीमी होती तभी फोन लेकर कूदते और और भाग जाते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय श्रीवास निवासी पिंटो पार्क, प्रीतेश उर्फ ओम राठौर निवासी चंदनपुर बिरलानगर और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में आरोपी संजय ने पुलिस को बताया की बीते 16 अगस्त को उसने बुंदेलखंड एक्सप्रेस के S-3 कोच में दो यात्रियों के मोबाइल चुराए थे। इसमें ग्वालियर के अभिषेक शर्मा का आई फ़ोन भी शामिल था। घटना के बाद वह आउटर पर उतर कर फरार हो गया था। GRP का कहना है की इन शातिर चोरों के खिलाफ कई थानों में चोरी के केस पहले से दर्ज हैं। बरामद मोबाइलों की कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर दिल्ली के खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आगे की कार्यवाई जारी है।