जर्जर मकान गिराते वक्त मजदूर पर गिरा मलबा, इलाज के दौरान मौत, अनुमति की होगी जांच | SAGAR TV NEWS
एमपी के ग्वालियर जिले के डबरा तहसील से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। सर्राफा बाजार में जर्जर मकान गिराने के दौरान मलबे में दबकर घायल हुए 61 वर्षीय मजदूर बाबूलाल जाटव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जाएगा कि मकान गिराने के लिए भवन स्वामी ने नगर पालिका से जरूरी अनुमति ली थी या नहीं। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। डबरा थाना क्षेत्र के सर्राफा बाजार में सुशील नीखरा के जर्जर मकान को गिराने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक दीवार का मलबा मजदूर बाबूलाल जाटव के ऊपर जा गिरा। मलबे में दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों ने तत्काल उन्हें मलबे से बाहर निकाला और डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग मजदूर की मौत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए झांसी रोड थाना में शून्य पर कायमी की है। अब केस डायरी डबरा थाने भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार के मुताबिक केस डायरी आने के बाद मर्ग कायम कर पूरे मामले की विवेचना शुरू की जाएगी। जांच के दौरान नगर पालिका से भी जानकारी ली जाएगी कि जर्जर मकान को गिराने के लिए भवन स्वामी ने कोई अनुमति ली थी या नहीं। पुलिस यह भी जांच करेगी कि मकान गिराने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं और किन परिस्थितियों में मजदूर मलबे की चपेट में आया।
अब जांच का अहम बिंदु यही है कि क्या जर्जर मकान को गिराने का काम नियमों के तहत किया जा रहा था? अगर अनुमति नहीं ली गई थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी, तो हादसे की जिम्मेदारी तय हो सकती है। एक मजदूर की मौत ने जर्जर भवनों को गिराने के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की विवेचना के बाद ही साफ होगा कि इस हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।