सागर कलेक्टर ने रहली में अवैध कॉलोनियों पर लिया एक्शन ! 15 दिन का अल्टीमेटम, कॉलोनाइजरों पर FIR के आदेश
सागर जिले के रहली में नियमों को दरकिनार कर विकसित की जा रही कथित अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कार्रवाई करते हुए अनाधिकृत कॉलोनी के निर्माण और चिन्हांकन हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक रहली के ग्राम बमूराजैसिंह की भूमि पर सौरभ कुमार और संतोष तिवारी द्वारा कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। वहीं ग्राम रहलीखास में पप्पू पटेल सहित अन्य संबंधित लोगों द्वारा भी अनाधिकृत कॉलोनी निर्माण किए जाने की जानकारी प्रशासन के सामने आई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रहली को मध्यप्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम, 2021 के नियम 22 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार संबंधित लोगों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में अनाधिकृत कॉलोनी में किए गए सभी चिन्हांकन और निर्माण हटाने होंगे। साथ ही संबंधित भूमि के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों को आगाह किया जाएगा कि इन जमीनों का किसी भी तरह का अंतरण न किया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक सूचना समाचार पत्र और अन्य माध्यमों से प्रकाशित कराई जाए। इसकी एक प्रति उप-पंजीयक कार्यालय को भी भेजी जाएगी, ताकि संबंधित जमीन के लेन-देन को लेकर लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
अब अगर तय समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण और कॉलोनी के चिन्हांकन नहीं हटाए गए तो प्रशासन नियमानुसार इन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा। साथ ही संबंधित भूमि के खसरा रिकॉर्ड के कॉलम नंबर 12 में अहस्तांतरणीय दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। कलेक्टर के इस आदेश के बाद रहली क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं प्रशासन की कार्रवाई से उन लोगों को भी राहत की उम्मीद है, जो बिना पूरी जानकारी के ऐसी कॉलोनियों में जमीन खरीदने का जोखिम उठा सकते हैं। अब देखना होगा कि 15 दिन की समय सीमा में संबंधित लोग निर्माण हटाते हैं या प्रशासन को अगली कार्रवाई के लिए मैदान में उतरना पड़ेगा।