Sagar- उल्दन बांध ओवरफ्लो ! कई पुल डूबे, सागर-धामोनी समेत प्रमुख मार्ग प्रभावित
लगातार बारिश के बीच सागर जिले में जलस्तर बढ़ने से अब सड़क और पुलों पर भी असर दिखाई देने लगा है। सागर जिले के बंडा वृहद सिंचाई परियोजना के तहत बने उल्दन बांध में पानी क्रस्ट लेवल से ऊपर पहुंचने के बाद ओवरफ्लो शुरू हो गया है। इसके चलते कई प्रमुख मार्गों पर स्थित पुल पानी में डूब गए हैं और आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन के मुताबिक 21 अगस्त की मध्यरात्रि में बारिश के कारण उल्दन बांध में जलस्तर क्रस्ट लेवल 451 मीटर से ऊपर पहुंच गया। इसके बाद बांध से पानी ओवरफ्लो होने लगा। बांध के पीछे बना अस्थायी मार्ग और सागर-धामोनी मार्ग पर ग्राम बहरोल स्थित पुल पूरी तरह डूब गया है।
वहीं बंडा-बांदरी मार्ग और नीमोन-पिपरिया इल्लाई मार्ग पर स्थित पुल पहले ही पानी में डूब चुके हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। बंडा-बांदरी मार्ग पर पुल डूबने के बाद वाहन चालक साजी तिराहा से पड़वार, राखसी, मड़ैया गोंड और बहेरिया साहनी होते हुए बांदरी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा दूसरा विकल्प साजी तिराहा से पड़वार, तिनसुआ, सड़ेरी और बहेरिया साहनी होते हुए बांदरी जाने का रहेगा।
नीमोन-पिपरिया इल्लाई मार्ग पर पुल डूबने के कारण यात्री नीमोन-पड़वार-राखसी-मड़ैया गोंड-कुल्ल होते हुए पिपरिया इल्लाई पहुंच सकते हैं। वहीं दूसरा वैकल्पिक रास्ता नीमोन-पड़वार-तिनसुआ-सड़ेरी-बहेरिया साहनी-कुल्ल होते हुए पिपरिया इल्लाई का रहेगा। ग्राम बहरोल का पुल डूबने के कारण धामोनी और टीकमगढ़ की तरफ से आने वाले राहगीरों को बहरोल से बांदरी मार्ग का उपयोग कर सागर पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि जलभराव वाले पुल और रास्तों को पार करने की कोशिश न करें। तेज बहाव के बीच वाहन या पैदल निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करने की अपील की गई है।