शक्कर कारखाना आंदोलन में राहुल गांधी की एंट्री, बोले एक लाख किसान जुटाओ, मैं भी आऊंगा
एमपी के मुरैना जिले के कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग अब बड़ा राजनीतिक आंदोलन बनती जा रही है। विधायक पंकज उपाध्याय के आमरण अनशन के बीच कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन पर आंदोलन को समर्थन दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस एक लाख किसानों को जुटाने की तैयारी करे, वे खुद कैलारस आकर किसानों के आंदोलन में शामिल होंगे। आंदोलन को समाजवादी पार्टी का भी समर्थन मिला है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फोन पर विधायक पंकज उपाध्याय से बातचीत कर उनके आमरण अनशन और शक्कर कारखाना शुरू कराने की मांग का समर्थन किया।
दरअसल, विधायक पंकज उपाध्याय 15 अगस्त से कैलारस शक्कर कारखाना दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और किसान आंदोलन में पहुंचे। पटवारी ने मोबाइल फोन के जरिए राहुल गांधी को सभा से जोड़ा, जहां राहुल गांधी ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए किसानों को एकजुट करने की बात कही।
जीतू पटवारी ने कहा कि कैलारस शक्कर कारखाना हजारों किसानों और मजदूरों की आजीविका से जुड़ा है। सरकार को सहकारी क्षेत्र में कारखाना दोबारा चलाने के आदेश जारी करने चाहिए। उन्होंने किसानों से हर घर से दो लोगों को आंदोलन में शामिल करने का आह्वान किया। शुक्रवार को हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कैलारस पहुंचे। इसी दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस से बहस के बाद किसानों ने एमएस रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रोक दीं और सड़क पर बैठ गए। इससे करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक जाम की स्थिति बनी रही।
अब आंदोलनकारियों ने 22 अगस्त को पूरे मुरैना जिले में बंद और 775 गांवों में हड़ताल का आह्वान किया है। कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बंद को समर्थन देने की बात कही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार शक्कर कारखाना दोबारा शुरू करने को लेकर ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं राहुल गांधी की एंट्री के बाद कैलारस का यह आंदोलन अब प्रदेश की सियासत में भी बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है।