उपचुनाव के 20 दिन बाद पहुंचे नरोत्तम मिश्रा कार्यकर्ताओं में दिखा जोश, नारों से गूंजा आसमान
एमपी के दतिया की सियासत में एक बार फिर पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सियासी पकड़ चर्चा में है। विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के करीब 20 दिन बाद जब नरोत्तम मिश्रा पहली बार दतिया स्थित अपने निवास ‘माई कृपा’ पहुंचे, तो उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता उमड़ पड़े। घर के बाहर से लेकर अंदर तक कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखाई दी और माहौल ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। बताया जा रहा है कि करीब 3 से 4 हजार कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से मिलने उनके निवास पहुंचे। खास बात यह रही कि उपचुनाव के बाद भी उनके समर्थकों में उत्साह कम होता नजर नहीं आया। बड़ी संख्या में पुराने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने दतिया की स्थानीय राजनीति में चर्चाओं को और तेज कर दिया।
दरअसल, उपचुनाव में भाजपा की हार, टिकट को लेकर सामने आए घटनाक्रम और उसके बाद बने राजनीतिक समीकरणों के बीच नरोत्तम मिश्रा का करीब 20 दिन बाद दतिया पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी कार्यकर्ताओं से मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने अपनी दतिया यात्रा को पूरी तरह धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रम से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहन के यहां धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि काफी समय से मां पीतांबरा के दर्शन नहीं किए थे, इसलिए मंदिर जाकर मां के दर्शन भी करेंगे।
दूसरी ओर, उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी भी दतिया में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे कार्यकर्ताओं के बीच अपनी टीम को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा की वापसी और उनके निवास पर उमड़ी भीड़ ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। नरोत्तम मिश्रा ने भले ही इस दौरे को धार्मिक यात्रा बताया हो, लेकिन समर्थकों की भारी मौजूदगी और गूंजते नारों ने दतिया की सियासत में उनके प्रभाव की तस्वीर जरूर सामने रख दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ अपनापन साबित होता है या दतिया की राजनीति में किसी नए समीकरण की आहट देता है।