सागर- पंक्चर बनाने वाले के खाते में 90 लाख का खेल! ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क का भंडाफोड़
सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। इस नेटवर्क में बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म और बैंक खाते खोले जाते थे। इन्हीं खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल को भोपाल से गिरफ्तार कर उसके घर से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद, करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर और नोट गिनने की मशीन बरामद की है। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा एक पति-पत्नी के विवाद और पंक्चर बनाने वाले युवक की शिकायत से हुआ। 9 अगस्त को एक महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगाए। इसके बाद 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में पंक्चर बनाने वाले रोहित पटेल ने शिकायत की कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम की फर्म बनाई गई और बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया गया।
खाते की जांच में फरवरी 2026 से अब तक करीब 90 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क की परतें खोलना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को 5 से 7 हजार रुपए कमीशन देने का लालच देकर उनके दस्तावेज लेते थे। इन्हीं दस्तावेजों से अलग-अलग नामों पर फर्म बनाकर बैंक खाते खोले जाते थे। जांच में करीब 30 फर्जी फर्मों का पता चला है। इन फर्मों के खातों में शुरुआती जांच के दौरान 5.50 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजैक्शन सामने आया है। फर्मों के नाम बिल्डिंग मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेडिंग, ट्रैवल्स और खाद्य कारोबार जैसे अलग-अलग कामों से जुड़े थे।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का संचालन करता था। टेलीग्राम चैनल और वेबसाइट के जरिए एक समय में करीब 100 से 150 लोगों को ऑनलाइन सट्टा खिलाने की बात सामने आई है। क्रिकेट और आईपीएल मैचों पर भी बेटिंग कराई जाती थी। ऑनलाइन आई रकम को कैश में बदलने के लिए अलग नेटवर्क बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक कुछ कारोबारियों के खातों में ऑनलाइन रकम भेजकर बदले में कैश लेने और रियल एस्टेट में पैसा लगाने के संकेत भी मिले हैं। भोपाल में आरोपी के घर दबिश के दौरान नोटों से भरे बैग और नोट गिनने की मशीन मिली। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर भी जब्त किए हैं।
मामले में पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। मुख्य आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को नेटवर्क के दूसरे राज्यों तक फैले होने के संकेत मिले हैं। पंक्चर बनाने वाले युवक के बैंक खाते से शुरू हुई जांच अब करोड़ों के ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। फर्जी फर्म, म्यूल बैंक खाते, करोड़ों का लेन-देन और भारी मात्रा में कैश बरामदगी ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।